नोएडा के जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलकर 'नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट' रखा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को यह घोषणा की और बताया कि यूपी कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी गई है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नाम बदलने का प्रस्ताव अब केंद्र सरकार को भेजा जाएगा; उनकी मंज़ूरी मिलने के बाद ही नाम बदला जाएगा। यह दूसरा मौका है जब किसी सार्वजनिक संस्थान का नाम मोदी के नाम पर रखा जा रहा है; इससे पहले, 24 फरवरी 2021 को गुजरात के अहमदाबाद में क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर 'नरेंद्र मोदी स्टेडियम' रखा गया था। पीएम मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था। इस पहले चरण में 3,300 एकड़ ज़मीन पर एक टर्मिनल और रनवे बनाया गया था। उम्मीद है कि हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्री इस एयरपोर्ट से यात्रा करेंगे। इस प्रोजेक्ट पर ₹11,000 करोड़ का खर्च आया। शुक्रवार सुबह 11 बजे सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें 'अग्निवीर' योजना के बारे में भी एक बड़ा फ़ैसला लिया गया। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार, कुल 39 प्रस्ताव पास किए गए।
पीएम मोदी और यूपी के बीच गहरे रिश्ते पर योगी का बयान
कैबिनेट बैठक के बाद, योगी ने खुद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की तीन साल में पहली बार वे मंत्रियों की परिषद की बैठक के बाद मीडिया के सामने आए। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी की 25 साल की जनसेवा पूरी होने पर एक बधाई प्रस्ताव पास किया गया। उन्होंने पीएम मोदी और यूपी के रिश्ते को बहुत निजी और लगातार मज़बूत होने वाला बताया; पीएम ने यूपी के विकास को प्राथमिकता दी और राज्य को तेज़ी से तरक्की की ओर बढ़ाया। पीएम ने राष्ट्र-निर्माण को अपना मिशन बनाया और वैश्विक मंच पर भारत को एक नई पहचान दिलाई।
योगी कैबिनेट के बड़े फ़ैसले:
दिवाली से पहले मुफ़्त गैस सिलेंडर: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दिवाली से पहले मुफ़्त गैस सिलेंडर दिया जाएगा। कैबिनेट ने दिवाली और होली पर एक-एक मुफ़्त LPG सिलेंडर देने की योजना को जारी रखने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। सरकार इस पहल पर ₹2,142.78 करोड़ खर्च करेगी। मंत्री मनोज पांडे ने बताया कि पहला मुफ़्त सिलेंडर अक्टूबर और दिसंबर 2026 के बीच और दूसरा जनवरी और मार्च 2027 के बीच दिया जाएगा।
18 शहरों में चलेंगी 1,725 AC इलेक्ट्रिक बसें:
योगी सरकार 18 शहरों में 1,725 नई AC इलेक्ट्रिक बसें चलाएगी। इनमें आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा शामिल हैं। बसें प्राइवेट ऑपरेटर चलाएंगे, जबकि किराया सरकार तय करेगी। अभी राज्य के 15 नगर निगमों में 743 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं।
UP बनेगा ‘ग्लोबल मैनपावर हब’:
सरदार वल्लभभाई पटेल स्किल ट्रेनिंग एंड एम्प्लॉयमेंट ज़ोन (SVPSTPZ) डेवलपमेंट स्कीम को मंज़ूरी दी गई। इसके ज़रिए UP को ‘स्किल्ड मैनपावर के लिए अल्टीमेट सोर्सिंग हब’ और ‘ग्लोबल मैनपावर हब’ के तौर पर विकसित किया जाएगा। स्किल ट्रेनिंग और रोज़गार के लिए हब बनाने के मकसद से सभी 75 ज़िलों को नौ ज़ोन में बांटा जाएगा। यह पहल युवाओं को देश और विदेश में रोज़गार के मौकों से जोड़ने में मदद करेगी।
65 लाख टन धान की खरीद का लक्ष्य:
सरकार ने खरीफ मार्केटिंग ईयर 2026-27 के लिए 65 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। पश्चिमी UP में खरीद 15 अक्टूबर से 15 फरवरी 2027 तक और पूर्वी UP में 1 नवंबर से 28 फरवरी तक होगी। पिछले साल 62 लाख टन धान खरीदा गया था। मक्के की खरीद कीमत ₹10 बढ़ाई गई है, जिससे यह ₹2,410 प्रति क्विंटल हो गई है।